सोने से पहले मन अधूरे काम गिनता है, और आराम मुश्किल हो जाता है।

कृतज्ञता का अर्थ दिखावा नहीं; यह ध्यान को कमी से सहारे की ओर मोड़ना है।

पहला मिनट: शरीर

एक सांस महसूस करें और कहें: मैं अभी यहाँ हूँ। मेरा शरीर मुझे इस क्षण तक लाया।

दूसरा मिनट: एक छोटी बात

खाना, पानी, सुरक्षित रास्ता, किसी का संदेश, या थोड़ा शांत मौसम। छोटा भी काफी है।

आज का दिन परिपूर्ण न हो, फिर भी आपको आराम करने का अधिकार है।

आज रात की छोटी कार्ड बनाएँ

जो अभी भी सच है, उसे रख लें।

शुरू करें